Tuesday, 29 November 2016

मोदी सरकार के सत्ता में आते ही Swiss Bank में जमा भारतीयों का धन घटा !



अब नई रिपोर्ट के अनुसार Swiss Bank में भारतीयों की कुल संपत्ति में करीब एक तिहाई की गिरावट आई है। ब्लैक मनी के खिलाफ बढ़ते अभियान का असर कहें या फिर मोदी सरकार का डर या फिर कुछ और ही, स्विटरलैंड के बैकों में रखे गए भारतीयों के पैसों में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है, स्विटरजरलैंड के केन्द्रीय बैकिंग प्रॉधिकरण के ऑकड़ों के अनुसार साल 2015 के आखिर में भारतीय लोगों का धन लगभग 120 करोड़ स्विस फ्रैंक यानि करीब 8,392 करोड़ रुपये था।
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अब नई रिपोर्ट के अनुसार वहां भारतीयों की कुल संपत्ति में करीब एक तिहाई की गिरावट आई है, साल 2014 के आखिर में ये रकम 177.6 करोड़ स्विस फ्रैंक थी, जो की साल 2015 के आखिर में घटकर 120 करोड़ स्विस फ्रैंक रह गई। मालूम हो कि साल 1997 में स्विस बैकों में भारतीय लोगों ने पैसा रखना शुरु किया था, विदित हो कि मोदी सरकार बनने के बाद लगातार दूसरे साल यहां जमा कराये जा रहे पैसों में गिरावट देखी गई है।

ज्ञात हो कि साल 2006 में यहां सबसे अधिक पैसा जमा था, सूत्रों का अनुसार साल 2006 में यहां करीब 23 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा जमा था। उसके बाद से यहां जमा कराये जा रहे धनों में लगातार गिरावट हो रही है, हलांकि साल 2011 और 2013 में भारतीयों ने अपने अकाउंट में खूब पैसा डाला, विदित हो कि साल 2011 में भारतीयों के धनों में 12 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, तो साल 2013 में रिकॉर्ड 42 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।

2014 लोकसभा आम चुनाव में काला धन भी बड़ा मुद्दा था, सभी पार्टियां इसे लेकर तरह-तरह के वादे कर रही थी, योगगुरु स्वामी रामदेव ने कालेधन को लेकर बड़ा आंदोलन भी किया था, हलांकि इस दिशा में केन्द्र की मोदी सरकार प्रयासरत है, लेकिन जिस तरह के वादे जनता से किये गए थे, वैसे परिणाम देखने को नहीं मिले। एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि काले धन वो लेकर आएंगे, काले धन से हर परिवार को करीब 15 लाख रुपये मिलेंगे।

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